Janam Shanti

जनम शांति के बारे में

जन्म शांति, जिसे जन्म नक्षत्र शांति के नाम से भी जाना जाता है, एक हिंदू अनुष्ठान है जो नवजात शिशु की भलाई, समृद्धि और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। यह समारोह देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने और बच्चे की जन्म कुंडली (जन्म कुंडली) के आधार पर किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए किया जाता है। यह हिंदू परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसका उद्देश्य शिशु के भविष्य की सुरक्षा करना और जीवन की सामंजस्यपूर्ण शुरुआत सुनिश्चित करना है।

उद्देश्य :

नवजात शिशु को आशीर्वाद देना: नवजात शिशु के स्वास्थ्य, दीर्घायु और समग्र कल्याण के लिए दिव्य आशीर्वाद मांगना।

ज्योतिषीय दोषों का शमन: बच्चे की जन्म कुंडली में पहचाने गए किसी भी अशुभ प्रभाव या दोषों को दूर करने के लिए।

ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं में सामंजस्य स्थापित करना: ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं को संतुलित करना और बच्चे के जीवन की सकारात्मक और शुभ शुरुआत सुनिश्चित करना।

महत्व :

ज्योतिषीय सामंजस्य: वैदिक ज्योतिष के आधार पर, यह समारोह बच्चे पर ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करने में मदद करता है।

सुरक्षा और समृद्धि: यह नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा सुनिश्चित करता है तथा बच्चे और परिवार के लिए समृद्धि और खुशी लाता है।

आध्यात्मिक और भावनात्मक कल्याण: परिवार को आध्यात्मिक रूप से उत्थान का अनुभव प्रदान करता है, सुरक्षा और शांति की भावना को बढ़ावा देता है।

अनुष्ठान विवरण:

संकल्प: बच्चे के माता-पिता या अभिभावक भक्ति और ईमानदारी के साथ जन्म शांति पूजा करने की शपथ लेते हैं।

देवताओं का आह्वान: यह समारोह बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान गणेश के आह्वान के साथ शुरू होता है, इसके बाद बच्चे के शासक ग्रहों सहित अन्य देवताओं की प्रार्थना की जाती है।

हवन (अग्नि अनुष्ठान): एक पवित्र अग्नि समारोह किया जाता है, जिसमें वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए अग्नि में घी, अनाज और अन्य पवित्र वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। इससे वातावरण शुद्ध होता है और दैवीय आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मंत्र जप: नवजात शिशु के लिए देवताओं की सुरक्षा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशिष्ट मंत्र और भजन पढ़े जाते हैं।

पूजा सामग्री: देवताओं को फूल, फल, मिठाई और नारियल चढ़ाए जाते हैं। बच्चे के जन्म नक्षत्र से जुड़ी वस्तुओं का भी अनुष्ठान में उपयोग किया जाता है।

नामकरण समारोह: अक्सर, जन्म शांति अनुष्ठान को नामकरण समारोह के साथ जोड़ दिया जाता है, जहां बच्चे को ज्योतिषीय और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार नाम दिया जाता है।

फ़ायदे:

स्वास्थ्य और दीर्घायु: किसी भी नकारात्मक ज्योतिषीय प्रभाव को कम करके नवजात शिशु के लिए अच्छे स्वास्थ्य और लंबी, समृद्ध जीवन सुनिश्चित करता है।

भावनात्मक सुरक्षा: माता-पिता को भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा प्रदान करती है, यह जानकर कि उनके बच्चे को दिव्य आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।

आध्यात्मिक विकास: परिवार में आध्यात्मिक विकास और सद्भाव को प्रोत्साहित करता है, तथा बच्चे के लिए एक पोषणकारी वातावरण को बढ़ावा देता है।

बाधाओं को दूर करना: उन बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है जो बच्चे के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।

समय:

शुभ दिन: जन्म शांति समारोह आमतौर पर बच्चे की जन्म कुंडली और ज्योतिषीय विचारों के आधार पर चुने गए शुभ दिन पर किया जाता है। इससे अनुष्ठान से अधिकतम लाभ सुनिश्चित होता है।

स्थान:

घर या मंदिर में: यह समारोह घर पर या मंदिर में आयोजित किया जा सकता है, बेहतर होगा कि वैदिक अनुष्ठानों में विशेषज्ञता रखने वाले जानकार पुजारी की उपस्थिति में।

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